हदीस की इस्लामी हैसियत : एक इल्मी तहकीकी, जाइज़ा
▪️हदीस का लुग़वी मअनी: लफ़्ज़ “हदीस” अरबी ज़बान में बात, गुफ़्तगू, ख़बर और नया के मअनी में इस्तेमाल होता है। क़ुरआन करीम में यह लफ़्ज़ कई जगह आया हुआ है…
▪️हदीस का लुग़वी मअनी: लफ़्ज़ “हदीस” अरबी ज़बान में बात, गुफ़्तगू, ख़बर और नया के मअनी में इस्तेमाल होता है। क़ुरआन करीम में यह लफ़्ज़ कई जगह आया हुआ है…
ज़िंदगी ख़ुशी और ग़म, कामयाबी और नाकामी, उम्मीद और मायूसी का मज़मूआ है। कभी हम अपनी मेहनत के बावजूद नतीजे वैसे नहीं पाते जैसे चाहते हैं, और कभी बग़ैर किसी…
तिलावत : अरबी ज़बान का लफ़्ज़ है, इसका मतलब है पीछे चलना, इत्बा करना।क़ुरआन करीम के मआनी पर मुश्तमिल म’रूफ़ किताब:मुफरदातुल क़ुरआन में तिलावत के मअनी इसी तरह हैं: التِّلَاوَةُ…
ईमान के बुनियादी अरकान में से एक अहम रکن — अल्लाह तआला के नबियों पर ईमान लाना है।इसका मतलब यह है कि हम यक़ीन रखें कि अल्लाह तआला ने हर…
क़ुरआन करीम, इंसानी ज़िंदगी के हर पहलू पर हावी एक मुकम्मल ज़ाबिता-ए-हयात है। यह वो इल्मी मोजिज़ा है जिसकी रौशनी क़यामत तक आलम-ए-इंसानियत को राह दिखाती रहेगी। इसका ए’जाज़ सिर्फ़…
अल्लाह तआला की जानिब से नाज़िल करदा आस्मानी किताबें इंसानियत के लिये रुश्द व हिदायत के सरचश्मे हैं। ये वो इलाही दस्तावेज़ हैं जिन्हों ने तारीकी में भटकती इंसानियत को…
कायनात की हर हरकत एक पोशीदा निज़ाम और इन्तिज़ाम की गवाह है, जहाँ अल्लाह तआला के नूरी बंदे ख़ामोशी से अपने फराइज़ अंजाम दे रहे हैं।ये फ़रिश्ते अम्र-ए-इलाही के अमीन…
हयात-ए-इंसानी का लाज़वाल दस्तूर दुनिया का हर शख़्स अपने सपनों की मंज़िल तलाश करने में सरगर्दां है।कोई सरसब्ज़ वादियों में सुकून ढूंढ रहा है,तो कोई आसमान की वुसअतों में अपना…
इस्लाम की रूह, ईमान का सबसे बड़ा स्तंभ यह कायनात एक बड़ी खुली किताब की तरह है, जिसका हर पन्ना अल्लाह तआला के वुजूद की गवाही देता है।चमकते तारे, बहते…